कठुआ गैंग रेप: चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, महबूबा ने कश्मीर के साथ खड़े होने के लिए सबका शुक्रिया अदा किया

  |   Updated On : April 15, 2018 08:58 AM
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (फाइल फोटो)

ख़ास बातें
  •  कठुआ गैंग रेप पर जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ खड़े होने के लिए लोगों का धन्यवाद दिया
  •  दुष्कर्म मामले में आरोपी चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया
  •  गठबंधन सरकार पर मुफ्ती ने कहा कि युवाओं की नाराजगी से घाटी में फैल सकती है अव्यवस्था

नई दिल्ली:  

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पार्टी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक के बाद कहा कि कठुआ गैंगरेप और मर्डर मामले में राज्य में न्याय सुनिश्चित करने और लोगों के विश्वास को फिर से हासिल करने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जिस तरह से देश के लोगों ने 8 साल की बच्ची के साथ न्याय के लिए बाहर आए, उससे जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच नई आशा पैदा की है जिससे एक संयुक्त भारत के पुर्ननिर्माण की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायकों और नेताओं के साथ बैठक के बाद देश की राजनीतिक नेतृत्व, न्यायपालिका, मीडिया और सिविल सोसाइटी को कठुआ गैंग रेप मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया।

बैठक के समाप्त होने के बाद पीडीपी के एक नेता ने बताया, 'हम राष्ट्र और राजनीति से ताल्लुक रखने वालों से अपील करते हैं कि जिस तरीके का रवैया उन्होंने इस मामले में अपनाया है ठीक वैसा ही कश्मीर के मामले में भी अपनाएं।'

उन्होंने कहा, 'हमारे पास कई घाव हैं, जिनपर दया और देखभाल के साथ मरहम लगाने की जरूरत है। हम देश के लोगों से अपील करते हैं कि वे हमारे साथ इसे पहचाने। हमारी समस्याओं और मुद्दों का समाधान सिर्फ लोगों के दिलों और दिमागों को जीतकर किया जा सकता है।'

इसके अलावा महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद राज्य की गठबंधन सरकार पर कहा कि अगर युवाओं के गुस्से और असंतोष का समाधान नहीं किया गया तो घाटी में अव्यवस्था पनप जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई 90 दिनों में समाप्त करने के लिए त्वरित अदालत की मांग की है।

इससे पहले दुष्कर्म मामले में आरोपी चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था।

राज्य सरकार ने यह कदम बीजेपी के दो मंत्रियों चौधरी लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा के इस्तीफे के एक दिन बाद उठाया है। दोनों ही गठबंधन सरकार में मंत्री थे।

दोनों मंत्री कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले के आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल हुए थे।

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