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सिक्किम में चीन के साथ गतिरोध पर विपक्ष सरकार के साथ, कहा- देश की सुरक्षा से समझौता नहीं

By   |  Updated On : July 19, 2017 01:14 PM
सर्वदलीय बैठक में भाग लेने जाते हुए गुलाम नबी आजाद (फोटो-PTI)

सर्वदलीय बैठक में भाग लेने जाते हुए गुलाम नबी आजाद (फोटो-PTI)

ख़ास बातें
  •  भारत-चीन के बीच डाकोला में तनाव पर केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई
  •  बागले ने कहा, केंद्र ने सभी राष्ट्रीय दलों को डाकोला की स्थिति से परिचित कराया
  •  सभी विपक्षी पार्टियों ने आश्वासन दिया, अगर बात राष्ट्रीय अखंडता पर आएगी तो सभी साथ होंगे

नई दिल्ली:  

सिक्किम में सीमा पर जारी तनाव के बीच नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में सिक्किम में चीन के साथ सीमा पर गतिरोध की जानकारी और सरकार की तरफ से किये जा रहे प्रयासों के बारे में विपक्ष को जानकारी दी गई। वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार का साथ देने का भरोसा दिया है। 

जहां देश की सभी प्रमुख पार्टियों को भारत-चीन के बीच चल रहे हालिया तनाव और कश्मीर के हालात पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रूबरू कराया।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर हुई बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे व आनंद शर्मा, जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव व के.सी.त्यागी, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के सीताराम येचुरी,  तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव मौजूद थे।

बैठक का एक मकसद 17 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र से पहले विपक्षी पार्टियों को विश्वास में लेना भी था।

सर्वदलीय बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा, 'वरिष्ठ मंत्रियों ने सभी राष्ट्रीय दलों को डाकोला की स्थिति से परिचित कराया। सभी दलों ने भारत के प्रयास का पूरा समर्थन किया और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया।'

उन्होंने कहा कि भारत और चीन के कूटनीतिक संबंधों के बने रहने की जरूरत को बताया गया। बागले ने कहा कि भारत और भूटान के पुराने संबंधों पर भी चर्चा की गई।

आपको बता दें की सिक्किम सेक्टर के डाकोला (डोकलम) में भारत-चीन के बीच गतिरोध को एक महीना बीत चुका है, जिसका अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

बैठक के बाद क्या बोली कांग्रेस, टीएमसी?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार को आश्वासन दिया कि अगर बात राष्ट्रीय अखंडता पर आएगी तो सभी साथ होंगे।

और पढ़ें: 'डाकोला पर चीन को नहीं था अंदाजा, भारत से मिलेगा करारा जवाब'

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'हमारी मांग के अनुसार, यह संतोषजनक बात है कि तीन साल की निद्रा से आखिरकार सरकार जागी और देश की मौजूदा व भविष्य की चिंताओं से विपक्षी पार्टियों को अवगत कराने के लिए एक बैठक आहूत की।'

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईए) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बताया की सरकार ने कहा वे बातचीत के जरिए हालात से निपटेंगे, उन्होंने सुरक्षा पर स्पष्टीकरण भी दिया।

वहीं टीएमसी सरकार के रवैये से नाराज दिखी। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हमने कुछ गंभीर सवाल पूछे कि सरकार तैयार क्यों नहीं थी? हमें जवाब नहीं मिला।

सुषमा, राजनाथ, जेटली और डोभाल की हुई मुलाकात

सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने चीन के साथ सीमा विवाद और कश्मीर की स्थिति पर विपक्ष से चर्चा से पहले शुक्रवार को एक बैठक में हिस्सा लिया।

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