जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्रों में वॉट्सऐप कॉल पर लग सकती है रोक

  |   Updated On : June 11, 2018 11:36 PM

नई दिल्ली :  

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत क्षेत्रों में वॉट्सऐप कॉलिंग सर्विसेज को ब्लॉक करने की व्यावहारिकता पर विचार कर रही है। दरअसल आतंकवादी व्हाट्सएप कॉल के जरिये सीमापार अपने हैंडलर्स से संपर्क में रहते हैं।

गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया। इस दौरान 2016 में नगरोटा आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले से संबंधित हुई हाल की गिरफ्तारियों के संबंध पर चर्चा की गई। गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने पूछताछ के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस को बताया कि वो वॉट्सऐप कॉल के जरिए सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स से संपर्क में थे और उनसे निर्देश ले रहे थे।

नगरोटा आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में 7 जवान शहीद हुए थे।

एनआईए ने हाल ही में तीन लोगों को हिरासत में लिया था जिन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों को सीमा से आर्मी कैंप तक ले जाने में सहायता पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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गृह सचिव की इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड इंफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी, टेलिककॉम विभाग, सुरक्षा विभाग और जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए थे और सोशल नेटवर्किंग साइट्स से कानून व्यवस्था को खराब करने वाले संदेशों को हटाने और उन पर नियंत्रण करने को लेकर चर्चा की गई।

इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल बढ़ने से सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसे ट्रेस कर पाना मुश्किल हो जाता है। अधिकारियों का कहना है कि मीटिंग के दौरान गल्फ के कुछ देशों समेत दुनिया के उन देशों का उदाहरण सामने रखा गया जहां वॉट्सऐप वॉइस या विडियो कॉलिंग की अनुमति नहीं है। 

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