Breaking
  • शुक्रवार की क्लोजिंग के मुकाबले 25 फीसदी प्रीमियम पर बायबैक करेगी इंफोसिस
  • यूपी में ख़राब कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल से की मुलाक़ात
  • इंफोसिस के बोर्ड ने 13,000 करोड़ रुपये के बायबैक को दी मंजूरी
  • उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
  • जम्मू-कश्मीर: शोपियां ज़िले के 9 गांवो में सुरक्षाकर्मियों ने शुरु किया सर्च ऑपरेशन

एनएसजी के मुद्दे पर भारत का कड़ा रुख, रूस से कहा- नहीं मिली सदस्यता तो लगेगा परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर ब्रेक

By   |  Updated On : May 17, 2017 12:59 PM
भारत एनएसजी की सदस्यता के लिए रुस पर बना रहा है दबाव

भारत एनएसजी की सदस्यता के लिए रुस पर बना रहा है दबाव

नई दिल्ली:  

भारत एनएसजी में सदस्यता पाने के लिए रुस पर दबाव बना रहा है। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने रूस को साफ संदेश दिया है कि अगर रूस अपने दोस्त चीन को मनाने की पहल नहीं करता है तो वह कुंडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की 5 वीं और 6 वीं रिएक्टर यूनिटों से जुड़े समझौते को लेकर पीछे हट सकता है।

अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक भारत को लग रहा है कि रूस लापरवाही भरा रुख अपना रहा है। और सदस्यता दिलाने को लेकर कोई अतिरिक्त कोशिश नहीं की जा रही है। वैश्विक मुद्दों पर चीन के साथ खड़े नजर आने वाले रूस से भारत यह उम्मीद करता रहा है कि वह भारत की एनएसजी सदस्यता के लिए चीन पर दवाब डालेगा।

वहीं रूस की ओर से भी इस बात की आशंका जताई जा रही है कि भारत परमाणु रिएक्टर से संबंधित समझौतों में जानबूझ की देरी कर रहा है। ताकि वह एनएसजी सदस्यता के लिए रूस पर दबाव डाल सके।

पश्चिम बंगाल निकाय चुनावः ममता बनर्जी को बढ़त, बडोमकल इलाके के 21 में से 18 सीटों पर मिली जीत

एमओयू साइन करने को लेकर भारत के 'टालमटोल' से फिक्रमंद रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में यह मुद्दा उठाया था। एक टॉप ऑफिशल सूत्र ने यह बात कन्फर्म की है। हालांकि भारत की ओर से इस मुलाकात में एमओयू साइन करने को लेकर कोई भरोसा नहीं दिलाया गया।

पीएम नरेंद्र मोदी 1 से 3 जून तक रूस की यात्रा पर जाने वाले हैं, उससे पहले ही भारत ने एनएसजी सदस्यता का मसला रूस के सामने उठाया है। इसका मकसद साफ है कि राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भारत की चिंताओं को समझें।

रूस को मोदी की यात्रा के दौरान कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की 5वीं और 6वीं रिऐक्टर यूनिट्स को विकसित करने के लिए समझौते की उम्मीद लगी थी, लेकिन भारत के इस रूख से रूस की चिंताएं बढ़नी लाजमी हैं।

जम्मू-कश्मीर में RSS पहली बार करेगा समीक्षा बैठक, अशांति और अलगाववादियों पर होगी चर्चा

आईपीएल से जुड़ी ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो