हिमाचल चुनाव: धर्मशाला में 1000 से ज्यादा तिब्बती वोटिंग को लेकर आपस बंटे

  |  Updated On : November 09, 2017 05:51 AM
फाइल फोटो

फाइल फोटो

नई दिल्ली:  

हिमाचल प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। राज्य की दूसरी राजधानी धर्मशाला में तिब्बती लोग बरसों से रहते आ रहे हैं लेकिन वह आज भी भारत में मतदान का अधिकार हासिल करने पर विभाजित हैं।

धर्मशाला में रहने वाले कुछ तिब्बतियों का मानना है कि भारत में मत का प्रयोग करना उनके द्वारा आजादी के लिए किए गए संघर्ष के महत्व को कमजोर कर देगा। जबकि अन्य लोगों का कहना है कि तिब्बत आंदोलन उनके दिलों में है और मतदान उन्हें अपने संघर्ष को सहेजने से नहीं रोक सकता।

धर्मशाला में करीब 1000 तिब्बती मतदाता हैं। नौ नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार इस छोटे से हिस्से को नजरअंदाज नहीं कर सकते और कुछ दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा इस चुनाव को और कड़ा कर दिया है। इस सीट पर मुख्य उम्मीदवार कांग्रेसी नेता और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और पूर्व मंत्री किशन कपूर हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव से पहले 1,000 तिब्बतियों ने मतदाता के रूप में खुद को पंजीकृत कराया है।

इस करीबी चुनावी जंग में यह 1000 तिब्बती मतदाता पहली बार अपना वोट डालेंगे। इनका मत विधायक का चुनाव करने में निर्णायक साबित हो सकता है।

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) ने तिब्बती समुदाय को अपनी पसंद पर वोट डालने का निर्णय छोड़ा है जिस कारण समुदाय विभाजित नजर आ रहा है।

सीटीए के लिए चुनाव आयोग की एक अधिकारी फुर्बु तोलमा ने अपनी आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि मतदान स्वतंत्र तिब्बत के लिए चल रहे उनके संघर्ष को प्रभावित करेगा।

उन्होंने कहा, 'हम वापस जाना चाहते हैं। मतदान का अधिकार हमारे संघर्ष को प्रभावित करेगा।' नियम के तहत 1950 से 1987 के दौरान भारत में जन्मे सभी तिब्बतियों को मतदान का अधिकार प्राप्त करने की अनुमति हैं।

RELATED TAG: Himachal Pradesh Election 2017, Himachal Poll,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS ओर Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो