Breaking
  • कोलकाता के जवाहर लाल नेहरू रोड पर LIC बिल्डिंग में आग, दमकल की 10 गाड़ियां पहुंची
  • झारखंड में 'भूख' से मौत: केंद्र सरकार कराएगी जांच, UIDAI बोली- परिवार के पास था आधार कार्ड -Read More »
  • जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में पहुंचे पीएम मोदी, जवानों संग मनाएंगे दिवाली

मक्खन का सेवन बढ़ाता है टाइप 2 डाइबिटीज का खतरा

By   |  Updated On : February 17, 2017 10:25 PM

नई दिल्ली:  

अगर आपकी मां भी आपकी अच्छी सेहत के लिए सुबह से लेकर रात तक के खाने में एक-एक चम्मच घी या मक्खन डालती हो, तो ये खबर आपके लिए है। एक शोध के मुताबिक सैचुरेटेड फैट, एसिड फैट्स और ट्रांस फैट से भरपूर केवल 12 ग्राम मक्खन खाने से भी टाइप 2 डाइबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

शोधकर्ता मार्टा गॉश फेर समेत अमेरिका के हावर्ड टी एच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने टोटल और सबटाइप्स के फैट के सेवन और टाइप 2 डाइबिटीज के बीच के संबंधों का परीक्षण किया है। उन्होंने संतृप्त फैटी एसिड से भरपूर खाद्य स्रोत और टाइप 2 मधुमेह के बीच के संबंधों के बारे में भी जांच किया।

शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने सैचुरेटेड फैटी एसिड और एनिमल फैट का ज्यादा मात्रा में सेवन किया है उनमें टाइप 2 डाइबिटीज होने की आंशका ज्यादा रहती है। प्रतिदिन 12 ग्राम मक्खन का सेवन 4.5 साल बाद डाइबिटीज के खतरे को दोगुना बढ़ाता है। जबकि संपूर्ण वसा दही के सेवन से ये खतरा कम रहता है।

इस शोध में 3.349 लोग शामिल थें। इन लोगों में डाइबिटीज की शिकायत नहीं थी पर हाई कार्डियोवास्कुलर की शिकायत थी। 4.5 साल की शोध के बाद 266 लोगों में डाइबिटीज का खतरा पाया गया।

इसे भी पढ़ें: विटामिन बी से घटते हैं सिजोफ्रेनिया के लक्षण

इस शोध के अनुसार पुराने से पुराने रोग और खासतौर से टाइप 2 डाइबिटीज को रोकने के लिए मेडीटेरियन डाइट का सेवन फायदेमंद रहता है। शोध में सैचुरेडेट और एनिमल फैट की जगह सब्जियों जैसे जैतून का तेल और नट्स आदि में मौजूद वसा पर भी ध्यान दिया गया है।

यह शोध अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशियन में छपा है।

RELATED TAG: Diabetes,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS ओर Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो