बिहार: पीएम मोदी ने नीतीश कुमार से की बात, बिहार में बाढ़ की जानकारी ली

By   |  Updated On : August 14, 2017 01:15 PM
बिहार के जोगबनी रेलवे स्टेशन पर बाढ़ के हालात

बिहार के जोगबनी रेलवे स्टेशन पर बाढ़ के हालात

ख़ास बातें
  •  मुख्यमंत्री 11 बजे अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार जैसे जिलों का दौरा करेंगे
  •  एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमों को राहत कार्य के लिए उतारा गया है
  •  कई जगहों पर बांध के टूटने का भी खतरा बना हुआ है, अब तक 9 लोगों की मौत

नई दिल्ली:  

बिहार के कई इलाकों में हुई लगातार बारिश के बाद बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार सुबह राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री 11 बजे राज्य के सीमांचल जिलों अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने की भरोसा भी दिया है। 

केंद्र सरकार ने राहत कार्यों के लिये एनडीआरएफ की टीम भी भेजा है। 

मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरूण कुमार सिंह भी नीतीश कुमार के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य की सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे।

रविवार को केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी राज्य को पूरी मदद का आश्वासन दिया था। राज्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमों को राहत कार्य के लिए उतारा गया है। नेपाल में तेज बारिश के बाद अब बिहार के सीमांचल में महानंदा, ताप्ती और कोसी जैसी नदियां उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ से उपजे हालात की समीक्षा के लिए रविवार को इमरजेंसी बैठक भी बुलाई थी। पूर्णिया जिले में महानंदा नदी ने खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। महानंदा नदी खतरे के निशान 35.65 मीटर से ऊपर 37.6 मीटर पर बह रही है जो एक बार फिर कोसी क्षेत्र में त्रासदी की दस्तक दे रही है।

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किशनगंज और जोगबनी जैसे रेलवे स्टेशन बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं जिसकी वजह से ट्रेनों की आवाजाही भी पूरी तरह रोक दी गई है। 10 एनडीआरएफ की टीमों को राहत कार्य के लिए उतारा गया है, जबकि 6 और टीमें जल्द ही जुड़ेगी।

अररिया जिले में लगातार हो रही बारिश से सिकटी के बकरा, नूना और घाघी नदी उफ़ान पर है। पूरे राज्य में करीब 12 जिले बाढ़ से ग्रस्त हैं और अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगहों पर बांध के टूटने का भी खतरा बना हुआ है।

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