आखिर क्यूं बढ़ रहा है अमेरिका डिजिटल डिटॉक्स की ओर, जानें इसके फायदे

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नई दिल्ली:

जहां भारत में एक ओर डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है, वहीं अमेरिका 'डिजिटल डिटॉक्स' की ओर बढ़ रहा है।

अमेरिका मे एक होटल श्रृंखला ने ऐसे ही एक डिजिटल डिटॉक्स प्रोग्राम की शुरुआत की है जिसका लक्ष्य स्मार्टफोन के कारण परिवार के बीच बढ़ रही दूरियों को खत्म करना है।

इस प्रोग्राम का नाम 'रिकनेक्टेड' रखा गया है। होटल के अधिकारियों ने प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए कहा कि इस प्रोग्राम मे सभी आयु वर्ग के लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

डिजिटल डिटॉक्स का अर्थ है कि खुद को डिजिटल दुनिया फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि प्लेटफॉर्म की लत से दूर करना।

आजकल आमतौर पर देखा जाता है कि जब भी कोई इवेंट होता है, कहीं घूमने जाते हैं, कोई पारिवारिक मिलन समारोह हो तो लोग उसमें शामिल हो आनंद लेने के बजाय बजाए सेल्फी लेने में मशगूल रहते हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह शराब,सिगरेट की लत लगती है, लोगों को उसी तरह ‘वर्चुअल वर्ल्ड’ में भी रहने की आदत हो जाती है। वो चाहकर भी इससे निकल नहीं पाते।
ऐसे में उन्हें डिजिटल डिटॉक्स के फॉर्मूले को ट्राई करने की सलाह दी जाती है।

इस फॉर्मूले के तहत डिजिटल सनसेट की सलाह दी जाती है। इसमें दिन का या हफ्ते का एक ऐसा वक्त तय कर लें जब आपको इंटरनेट, स्मार्टफोन से दूर रहना है। खुद के लिए अलार्म सेट करें और डिजिटल दुनिया से अनप्लग हो जाएं।

इसके लिए आप लोगों को पहले से जानकारी दें कि आप किस वक्त और कितनी देर के लिए ‘नॉट एवेलेबल’ होंगे। क्योंकि ऐसा हो सकता है कि काम की वजह से आपको जरूरी ईमेल और नोटिफिकेशन्स पर नजर रखना पड़े।

इसके अलावा अगर आपको देश दुनिया की खबरों में बने रहना पसंद है या ये आपके काम के लिए जरूरी है तो दिन के कुछ वक्त इन ऐप्स को डिसेबल कर दें ताकि पल पल के नोटिफिकेशन्स से आप डिस्टर्ब ना हों।

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