भगोड़े विजय माल्या का दावा- देश छोड़ने से पहले सेटलमेंट के लिए वित्त मंत्री से की थी मुलाकात

| Last Updated:

लंदन:

भारत में भगोड़ा घोषित किए जा चुके फरार शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन के वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर दावा किया कि वह भारत छोड़ने से पहले मामले के निपटारे के लिए वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। माल्या ने कोर्ट में कहा कि बैंक ने मेरे सेटलमेंट के पत्र पर आपत्ति दायर की थी। 2 मार्च 2016 को देश से फरार हो चुके माल्या अभी लंदन में रह रहे हैं। 2016 में देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली थे। बता दें कि माल्या पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) समेत देश के कुल 13 बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है। वे भारतीय अदालतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा विभिन्न मामलों के मुकदमे में पेश होने के समन के बावजूद लंदन में हैं।

इसके अलावा माल्या के वकील ने दावा किया कि आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को कर्ज में डूबे किंगफिशर एयरलाइन्स के नुकसान के बारे में पूरी जानकारी थी। माल्या के वकील ने कहा कि आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों के ईमेल दिखाते हैं कि विजय माल्या पर नुकसान को छुपाने के सरकार के आरोप आधारहीन है।

#WATCH "I met the Finance Minister before I left, repeated my offer to settle with the banks", says Vijay Mallya outside London's Westminster Magistrates' Court pic.twitter.com/5wvLYItPQf

— ANI (@ANI) September 12, 2018

विजय माल्य ने बुधवार को कहा, 'मैं एक राजनीति फुटबॉल हूं। जहां तक मेरा सवाल है, मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष समग्र अदायगी प्रस्ताव दिया है। मुझे उम्मीद है कि सम्मानीय न्यायाधीश इसपर ध्यान देंगे।' यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने बकाए राशि को चुकाएंगे? माल्या ने कहा, 'निश्चित तौर पर, इसलिए समाधान प्रस्ताव दिया गया है।'

बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये कर्ज लेकर लंदन में रह रहे माल्या के वकील ने कहा, 'इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि माल्या या किंगफिशर ने बैंक लोन के लिए बुरे उद्देश्य के साथ अप्लाई किया था।' एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है।

अपने प्रत्यर्पण से जु़ड़े मामले में अदालत में पहुंचते हुए माल्या ने कहा कि वह विवरण के साथ मामले का निपटारा करने के लिए तैयार हैं। माल्या ने पैसे वापस जमा करने को लेकर कहा कि इसलिए एक निपटारे का प्रस्ताव दिया गया है। इसकी सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

भारतीय कर्ज वसूली प्राधिकरण भी माल्या पर लदे कर्ज की वसूली के लिए उनकी संपत्तियों को जब्त किए जाने का आदेश कई बार दे चुका है।

माल्या को प्रत्यर्पण वारंट पर इस साल अप्रैल में स्कॉटलैंड यार्ड के द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था। किंगफिशर एयरलाइन के 62 वर्षीय प्रमुख माल्या अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वारंट के बाद से जमानत पर है।

और पढ़ें : डॉलर के मुकाबले 49 पैसे मजबूत होकर बंद हुआ रुपया, PM मोदी कर सकते हैं वर्तमान स्‍थिति पर चर्चा

विजय माल्या ने जून महीने में कर्नाटक हाई कोर्ट से उसे और उसकी स्वामित्व वाली कंपनी यूबीएचएल को न्यायिक देखरेख में उनकी संपत्तियों को बेचने देने और सरकारी बैंकों सहित लेनदारों का भुगतान करने की अनुमति मांगी थी।

माल्या ने एक पत्र में कहा था, 'यूबीएचएल (यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग लिमिटेड) और मैंने 22 जून को कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दायर किया है, जिसमें करीब 13,900 करोड़ रुपये की उपलब्ध संपत्ति बेचने की अनुमति देने का जिक्र है।'

और पढ़ें : अगस्ता वेस्टलैंड मामला : पूर्व वायु सेना प्रमुख एस पी त्यागी और अन्य को मिली जमानत

उन्होंने कहा था, 'सीबीआई और ईडी बैंकों का भुगतान नहीं करने के बहाने मेरे खिलाफ आपराधिक आरोप तय करते दिखते हैं। मुझे संपत्तियों को बेचने की और लेनदारों का भुगतान करने की अनुमति दें।'

बकाए की बड़ी राशि ब्याज की वजह से होने का दावा करते हुए माल्या ने कहा था कि संपत्तियों के बेचने की अनुमति देने से इनकार करने की वजह से ब्याज की राशि बढ़ रही है।

First Published: