कोलकाता पुल हादसा: 1 की मौत, 25 लोग जख्मी, BJP ने ममता सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप

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नई दिल्ली:

दो वर्ष पहले पोस्ता फ्लाई ओवर के दर्दनाक हादसे की याद ताजा करते हुए मंगलवार को दक्षिण कोलकाता में एक पुल ढह गया, जिसमें एक आदमी की मौत और करीब 25 लोगों के घायल होने के साथ ही कई वाहन भी दब गए हैं। अधिकारियों के अनुसार राहत एवं बचाव दल ने लगभग 20-25 घायल लोगों को बाहर निकाल लिया है, जबकि अभी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।'

इस दर्दनाक हादसे में घायल करीब 6 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में पुल गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इसके साथ ही पीड़ित परिवारवालों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों को जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।

वहीं उत्तर बंगाल में स्थित दार्जीलिंग के दौरे पर गईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि उनकी सरकार पुल ढहने की घटना की जांच कराएगी।

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उन्होंने कहा कि वह कोलकाता पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बारिश के कारण दार्जीलिंग पहाड़ी से मैदानी इलाके में आने में भी कम से कम चार घंटे लग रहे हैं। अब कोई उड़ान भी उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा, 'हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पुल ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए हम जांच शुरू कर रहे हैं और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हम तत्काल कदम उठा रहे हैं।'

घटना स्थल पर पहुंचे शहरी विकास मंत्री फरहद हकीम ने कहा कि बचाव कर्मियों ने मलबे में किसी व्यक्ति को फंसा नहीं पाया।

उन्होंने कहा, 'अबतक उन्हें मलबे में कोई व्यक्ति फंसा हुआ नहीं मिला है। लेकिन वे अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं रह गया है।'

एक अग्निशमन अधिकारी ने कहा, 'माझेरहाट पुल का तारातला और मोमिनपुर के बीच का हिस्सा आंशिक रूप से मंगलवार शाम लगभग 4.30 बजे ढह गया। इसके बाद घटनास्थल पर अग्निशमन दल की छह गाड़ियां भेज दी गईं।'

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घटना स्थल पर बचाव कार्य में लगे एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'अभी लगभग 20-25 लोगों को बचाया जा चुका है। संभावना है कि पुल के मलबे में ज्यादा लोग नहीं फंसे हैं। लेकिन सही स्थिति का पता लगाने के लिए हमें मलबा हटाना पड़ेगा।'

आपदा प्रबंधन दलों ने बचाव अभियान के लिए क्रेनें लगा दी हैं।

इस पुल के पास में ही कुछ निर्माण कार्य भी चल रहा है। बताया गया है कि यह पुल बेहाना-इकबाल इलाकों को आपस में जोड़ता है। पुल गिरने से उसपर मौजूद गाड़ियां भी फंस गई हैं।

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जानकारी के मुताबिक, लगभग 60 साल पुराने इस पुल की मरम्मत के लिए भी काम किया जा रहा था। पुल के नीचे रेलवे लाइन, दूकानें और घर होने की बात भी सामने आ रही है।

गौरतलब है कि 31 मार्च, 2016 में भी एक निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर का एक हिस्से के गिरने से 26 लोगों की मौत हो गई थी और 80 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने 2 इंजिनियर्स को सस्पेंड कर दिया गया था। इस हादसे के बाद केंद्र सरकार ने देशभर के सभी पुलों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी।

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